WCL वणी नार्थ : कैंटीन से कमाई 15,000 तो खर्च 3,00,000
– WCL की वणी नार्थ क्षेत्र के घोंसा ओपनकास्ट के प्रबंधन का कारनामा,खर्च बचाने के लिए कैंटीन का करें निजीकरण और कर्मियों से ले उनके पद अनुसार काम – आबिद हुसेन
File photo: Headquarter Canteen,WCL
नागपुर – एक तरफ WCL के नए CMD बेफजुली खर्च पर लगाम लगाकर,कर्मियों को उच्च स्तरीय सुविधा देकर रिकॉर्ड तोड़ कोयला उत्पादन करवाने हेतु प्रयासरत हैं तो दूसरी ओर खदान क्षेत्रों में मनमानी का सिलसिला चरम पर हैं, नतीजा WCL को घाटे की मार सहन करनी पड़ रही।मामला हैं वणी नार्थ अंतर्गत घोंसा ओपनकास्ट माइन्स का।यहां कि कैंटीन की मासिक कमाई लगभग 15000 हैं और जिसके संचलन पर डेढ़ लाख रुपये खर्च किया जा रहा। नए CMD मनोज कुमार से इंटक नेता आबिद हुसेन ने कैंटीन को ठेका पर चलाने और यहां कुंडली मार मजे काट रहे कर्मियों से उनके पद अनुसार काम लेने की मांग की हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार घोंसा ओपनकास्ट खदान में WCL के स्थानीय प्रबंधन ने एक कैंटीन कुछ वर्ष पूर्व शुरू की।LOCKDOWN के पूर्व इस कैंटीन में कुछ नास्ता आदि भी मिल जाया करता था।LOCKDOWN बाद सिर्फ यहां चाय ही मिला करती हैं। रोजाना लगभग 500 रुपए की आवक होती हैं और खर्च के नाम पर रोजाना 3 सरकारी WCL कर्मी तैनात हैं, जिनका रोजाना वेतन अंदाजन 7 से 8000 रुपए बताया जा रहा।इसके अलावा बिजली,पानी बिल का खर्च अलग हो रहा।
यह कैंटीन रोजाना सुबह 8 से शाम 4 बजे तक शुरू रहती हैं, इसके अमूमन ग्राहक कामगार और ट्रांसपोर्टर होते हैं।
कैंटीन में तैनात कर्मी क्लर्क स्तर के हैं, प्रत्येक बुधवार को उत्पादन बंद रहता हैं, इसके बावजूद उक्त तीनों कर्मियों को प्रत्येक बुधवार को DOUBLE PAYMENT दिया जा रहा,पिछले कुछ सालों से।
घोंसा खदान में क्लर्क का काम करने वाले कर्मियों का तोटा हैं और जनरल मजदूरों से क्लर्क का काम लिया जा रहा।ऐसे में कैंटीन में तैनात कर्मियों को कैंटीन के काम से हटा कर कार्यालयीन कामों के लिए उपयोग किया जाएगा तो प्रबंधन को लाभ होगा।
INTUC नेता आबिद हुसेन ने स्थानीय प्रबंधन को सुझाव दिया कि अन्य खदानों की तर्ज पर उक्त कैंटीन का निजीकरण करने से स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा।
उक्त मामले को लेकर उन्होंने पर्सनल मैनेजर से मुलाकात कर चर्चा की तो उनका कहना था कि ऐसा पहले से ही चला आ रहा,जिसे ऊपर से समर्थन होने से स्थानीय स्तर पर कोई बदलाव संभव नहीं।इसका मुख्य कारण यह भी हैं कि HMS का स्थानीय सचिव इस कैंटीन का प्रबंधक हैं, इस मामले को अन्य यूनियन इसलिए नहीं उठाती क्योंकि सभी की मुंडी कहीं न कहीं फंसी हुई हैं।
INTUC नेता आबिद हुसेन ने नए CMD से उक्त घटनाक्रम के दोषी अधिकारियों पर ठोस कार्रवाई की मांग की हैं।अब देखना यह हैं कि नए CMD उक्त प्रकरण को कितनी गंभीरता से लेते हैं।
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