कैफो की आड़ में ठेकेदार-कर्मी ने समेटे कमीशन
– पूर्व CAFO था नशेड़ी,इनके हिस्से में आए वे रकम जो खुद स्वीकार किए थे

नागपुर – सर्वत्र चर्चित हैं कि नागपुर महानगरपालिका में ठेकेदारों का भुगतान करोड़ों में बकाया हैं, इसके लिए जिद्दोजहद शुरू भी हैं। इसका फायदा पूर्व CAFO, वित्त विभाग का महत्वपूर्ण कर्मी व एक अदना सा ठेकेदार ने जमकर उठाया। जिस वजह से उक्त तीनों ने ठेकेदारों के शोषण किया,उसका प्रतिफल ठेकेदारों को नहीं मिला।अब इस मामले में मनपायुक्त, वर्तमान CAFO से सवाल हैं कि क्या वे उक्त तीनों पर कोई ठोस कार्रवाई करेंगे या फिर चुप रहकर इस प्रकार के घटनाक्रम को बढ़ावा देते रहेंगे।
हुआ यूं कि पूर्व CAFO हेमंत ठाकरे जो 24 बाय 7 हर पल नशे में रहते थे,उन्हें मनपा से बिदाई का अंतिम दिन पता था।जिसका फायदा उठाते हुए ठेकेदारों के भुगतान फ़ाइल पर हस्ताक्षर करने की योजना ठाकरे ने वित्त विभाग के एक कर्मी और उनके संपर्क में आए एक ठेकेदार संग बनाई। जिसके ऐवज में 1 से 2 % कमीशन वसूलने की योजना भी शामिल थी।
उक्त योजना के तहत कुल 18 करोड़ के भुगतान फ़ाइल पर ठाकरे ने हस्ताक्षर किए। इसकी वसूली प्रत्यक्ष रूप से ठाकरे ने 30% की तो इनके साजिश में शामिल वित्त विभाग का महत्वपूर्ण कर्मी व एक ठेकेदार ने 70% वसूली की। लेकिन ठाकरे के जाते ही सभी फाइलों को मनपायुक्त व नए CAFO ने रोक दिया। जिससे कमीशन देकर भुगतान प्राप्ति की उम्मीद लगाए ठेकेदारों में मायूसी छा गई,इसके बाद ठेकेदारों द्वारा वित्त विभाग के कर्मी व ठेकेदार से वसूली हेतु जिद्दोजहद का क्रम जारी हैं। इनमें से कर्मी ने ठाकरे के नाम बता कर अपना पल्ला झाड़ने हेतु प्रयासरत हैं तो ठेकेदार काफी परेशान हो गया हैं।
वित्त विभाग से संबंधित मामला इतना गर्मा गया कि अब कमीशन देने वाले ठेकेदार आयुक्त और नए CAFO से न्याय की आस लिए उक्त कर्मी व ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग कर रहे। अब देखना यह हैं कि मनपायुक्त और CAFO उक्त मामले पर क्या भूमिका निभाते हैं। वैसे मनपायुक्त और नए CAFO को परेशान करने का सिलसिला तथाकथित ठेकेदार संगठन ने शुरू कर चुकी हैं,कैंडल मार्च इसी का एक हिस्सा था। इन आंदोलनकारियों को पूर्व और वर्तमान पदाधिकारी का समर्थन हासिल हैं।
कैफो की आड़ में ठेकेदार-कर्मी ने समेटे कमीशन
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